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योनि में जलन के कारण
पà¥à¤°à¤•ृतिक तौर पर कà¥à¤› अंग महिलाओं में पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होते हैं जैसे कि योनि. यह गà¥à¤ªà¥à¤¤ अंग होने और जागरूकता की कमी के कारण ठीक तरीके से इसकी साफ-सफाई नहीं हो पाती है. जिसके कारण योनि में जलन की समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो जाती है. वैसे तो योनि में जलन होना महिलाओं के लिठà¤à¤• सामानà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ है. लेकिन कई बार जब ये समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाठतो चिंता का विषय à¤à¥€ बन जाता है.
योनि में जलन के कारण
आइठइस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से हम योनि में होने वाले जलन के बारे में जानें ताकि इस विषय में जागरूकता फ़ेल सके.
मूतà¥à¤° पथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से
जब बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आपके मूतà¥à¤° पथ या मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ कर जाते हैं तो यूटीआई यानि यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ समसà¥à¤¯à¤¾ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती है. इससे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने पर आपको अंदरूनी जलन और दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ होता है. इसके अलावा à¤à¥€ कई तरह के समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का अनà¥à¤à¤µ कर सकती हैं जैसे- बहà¥à¤¤ तेज़ी से पेशाब आने का अनà¥à¤à¤µ होगा, लेकिन वासà¥à¤¤à¤µ में बहà¥à¤¤ थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पेशाब होना, बार बार पेशाब लगना, पेशाब करने के दौरान शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में दरà¥à¤¦ होना, मूतà¥à¤° से तेज़ गंध आना, मूतà¥à¤° से à¤à¤¾à¤— निकलना, मूतà¥à¤° का रंग लाल, गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ या कोला-रंग का निकलना जो मूतà¥à¤° में खून का संकेत हो सकता है, बà¥à¤–ार और ठंड लगना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿.
निदान
योनि के अंदर या आसपास उपयोग होने वाले टेमà¥à¤ªà¥‰à¤¨, पैडà¥à¤¸, कंडोम, डूश, कà¥à¤°à¥€à¤®, सà¥à¤ªà¥à¤°à¥‡ और अनà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से योनि में जलन हो सकती है. ये उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ जननांगों को परेशान कर सकते हैं और संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बन सकते हैं. यदि आपको यूटीआई होने का संदेह है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें और निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¤à¤¿ खà¥à¤°à¤¾à¤• का पालन करें.
यीसà¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ के कारण
यह देखा गया है की अधिकांश महिलाओं को अपने जीवनकाल में कम से कम à¤à¤• बार यीसà¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का अनà¥à¤à¤µ जरà¥à¤° होता है. ये तब होते हैं जब योनि में यीसà¥à¤Ÿ की संखà¥à¤¯à¤¾ बहà¥à¤¤ अधिक हो जाती है. à¤à¤¸à¥‡ में जलन के अलावा योनि में खà¥à¤œà¤²à¥€, लालिमा और सूजन पेशाब या संà¤à¥‹à¤— के दौरान दरà¥à¤¦ और योनी से गाà¥à¤¾ और सफेद डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ हो सकता है.
टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤•ोमोनिà¤à¤¸à¤¿à¤¸ की वजह से
टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤•ोमोनिà¤à¤¸à¤¿à¤¸ सबसे आम यौन संचारित बीमारियों में से à¤à¤• है. यह पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में महिलाओं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सामानà¥à¤¯ है. कई संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ महिलाओं में किसी पà¥à¤°à¤•ार का लकà¥à¤·à¤£ का अनà¥à¤à¤µ नहीं होती है. इसके सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में जननांगों में जलन और खà¥à¤œà¤²à¥€, पतला या मोटा डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ जो सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ, सफ़ेद, पीला या हरा हो सकता है, बहà¥à¤¤ तेज गंध,संà¤à¥‹à¤— और पेशाब के दौरान परेशानी और निचले पेट में दरà¥à¤¦ जैसे समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है.
गोनोरिया के कारण
गोनोरिया à¤à¤• यौन संचारित रोग है, जो आमतौर पर 15 से 24 की उमà¥à¤° के यà¥à¤µà¤¾ वयसà¥à¤•ों को होता है. कई à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€ की तरह, गोनोरिया के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ कम होते हैं. गोनोरिया का पता लगाने के लिठà¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€ टेसà¥à¤Ÿ किया जाता है. यदि आप कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का अनà¥à¤à¤µ करते हैं, तो वो निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हो सकते हैं: योनि में हलà¥à¤•ी जलन और असहजता, पेशाब करते समय दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• जलन और असहजता असामानà¥à¤¯ डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ पीरियडà¥à¤¸ के बीच में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿.
कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण
कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤• और सामानà¥à¤¯ à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€ है. इसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में पेशाब के दौरान जलन और असामानà¥à¤¯ रूप से डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना शामिल हैं. कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से ठीक किया जा सकता है. लेकिन अगर कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ का उपचार नहीं किया जाता है तो से आपका पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तंतà¥à¤° सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है. इससे गरà¥à¤ धारण करना à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है. कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¤¾à¤‡à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ से ही दोबारा संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाना सामानà¥à¤¯ है. पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• बार के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बाद पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर खतरा बढ़ जाता है.
जननांग दाद के कारण
जननांग दाद à¤à¤• और आम à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€ है. इससे संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने के लकà¥à¤·à¤£ अकà¥à¤¸à¤° हलà¥à¤•े होते हैं. जननांग दाद की वजह से अकà¥à¤¸à¤° सूजन या दाने होते हैं. ये छाले योनि, मलाशय या मà¥à¤‚ह के आसपास हो सकते हैं. इलाज - जननांग दाद के लिठकोई इलाज नहीं है यह à¤à¤• वायरस है जो आपके शरीर में रहता है. डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से वाली दवा लेने से इसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम करने में मदद मिलती है. यह याद रखना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि दवा आपके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम कर देती है, लेकिन यह à¤à¤¸à¤Ÿà¥€à¤¡à¥€ को अपने साथी में फैलने से नहीं रोक सकतीं. इसके पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोकने के समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें.
जननांग मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ के कारण
जननांग मसà¥à¤¸à¥‡, हà¥à¤¯à¥‚मन पेपिलोमावायरस (à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€) के कारण होते हैं. ये मसà¥à¤¸à¥‡ दिखाई दे सकते हैं: आपकी योनि, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ या गà¥à¤¦à¤¾ पर सफेद या तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रंग के फोड़ों के रूप में à¤à¤• या दो फोड़े या गà¥à¤šà¥à¤›à¥‡ में. जननांग मसà¥à¤¸à¥‡ उपचार के बिना अपने आप चले जाते हैं, हालांकि, कà¥à¤› लोग असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ को कम करने के लिठइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हटाने का विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¤¤à¥‡ हैं. मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ को हटाने से à¤à¥€ आपके साथी के संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने का जोखिम कम हो जाता है. सीडीसी, अमेरिकन अकेडमी ऑफ फ़ैमिली फिजिशियंस सलाह देते हैं कि किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ आने से पहले अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ यौन रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होने से पहले à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€ वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ लगवा लेनी चाहिà¤. à¤à¤šà¤ªà¥€à¤µà¥€, गà¥à¤¦à¤¾, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ और शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों के कैंसर से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है.
लाइकेन सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के कारण
लाइकेन सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ बहà¥à¤¤ कम मिलने वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है. यह योनि की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पतले, सफेद पैच विकसित होने का कारण बनती है. ये पैच विशेष रूप से योनी के आसपास होने आम हैं. वे कà¤à¥€ न मिटने वाले दाग़ छोड़ सकते हैं. रजोनिवृतà¥à¤¤à¤¿ के बाद महिलाओं में लाइकेन सà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ विकसित होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है, लेकिन यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° की महिलाओं में विकसित हो सकती है.
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